अस्पतालों की आधारभूत सुविधाओं को आधुनिक बनाने के लिए प्रयास किए जाएं – अतिरिक्त महानगरपालिका आयुक्त (शहर) प्राजक्ता वर्मा-लवंगारे
चंदनवाड़ी स्थित दवाखाना, स्वास्थ्य केंद्र, पॉलीक्लिनिक, प्रसूतिगृह तथा जी (उत्तर) विभाग कार्यालय का किया निरीक्षण
सार्वजनिक स्वास्थ्य विभाग के कार्यों एवं स्वास्थ्य सुविधाओं की समीक्षा की
बृहन्मुंबई महानगरपालिका की स्वास्थ्य सेवाओं की मरीजों की देखभाल के क्षेत्र में अच्छी प्रतिष्ठा है। हालांकि, अस्पतालों की आधारभूत सुविधाओं को आधुनिक और उन्नत बनाने के लिए निरंतर प्रयास किए जाने चाहिए। यह निर्देश अतिरिक्त महानगरपालिका आयुक्त (शहर) श्रीमती प्राजक्ता वर्मा-लवंगारे ने दिए।
श्रीमती प्राजक्ता वर्मा-लवंगारे ने आज (26 जून 2026) बृहन्मुंबई महानगरपालिका के ‘सी’ विभाग के अंतर्गत चंदनवाड़ी स्थित दवाखाना, स्वास्थ्य केंद्र, पॉलीक्लिनिक, ठाकुरद्वार स्थित सूर्यकांत वगळ प्रसूतिगृह तथा जी (उत्तर) विभाग कार्यालय का दौरा कर निरीक्षण किया। इसके बाद उन्होंने महानगरपालिका मुख्यालय में सार्वजनिक स्वास्थ्य विभाग के कार्यों और स्वास्थ्य सुविधाओं की समीक्षा बैठक भी ली।
इस अवसर पर उप आयुक्त (सार्वजनिक स्वास्थ्य) श्री शरद उघड़े, निदेशक (चिकित्सा शिक्षा एवं प्रमुख अस्पताल) डॉ. शैलेश मोहिते, सहायक आयुक्त (सी विभाग) श्रीमती अलका ससाणे, सहायक आयुक्त (जी उत्तर विभाग) श्री योगेश देसाई तथा संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।
सुबह चंदनवाड़ी स्थित दवाखाने के दौरे के दौरान श्रीमती वर्मा-लवंगारे ने पंजीकरण कक्ष, औषधि विभाग, मलेरिया उन्मूलन विभाग, प्रयोगशाला, मरीजों के उपचार कक्ष तथा शौचालयों का निरीक्षण किया। उन्होंने एचएमआईएस कंप्यूटरीकृत प्रणाली, सबसे अधिक पाए जाने वाले रोगों के प्रकार, मरीजों की स्थिति, उपचार पद्धति तथा सामने आने वाली समस्याओं की जानकारी ली।
इसके बाद उन्होंने चंदनवाड़ी स्वास्थ्य केंद्र का दौरा कर राष्ट्रीय स्वास्थ्य अभियान के अंतर्गत संचालित विभिन्न कार्यक्रमों, योजनाओं और टीकाकरण संबंधी जानकारी प्राप्त की। ठाकुरद्वार स्थित सूर्यकांत वगळ प्रसूतिगृह के निरीक्षण के दौरान उन्होंने गर्भवती महिलाओं तथा उनके नवजात शिशुओं का हालचाल भी जाना।
निरीक्षण के बाद दोपहर में महानगरपालिका मुख्यालय में सार्वजनिक स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस दौरान श्रीमती प्राजक्ता वर्मा-लवंगारे ने निर्देश दिए कि प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक सुदृढ़ बनाने के लिए व्यापक प्रयास किए जाएं। प्रसूतिगृहों में उत्कृष्ट सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं तथा विशेष रूप से महिलाओं और बच्चों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए प्रभावी स्वास्थ्य सेवाएं विकसित की जाएं।
उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि श्मशानभूमियों में आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं। साथ ही, मरीजों को आगे के उपचार के लिए एक स्वास्थ्य केंद्र, पॉलीक्लिनिक या दवाखाने से सामान्य अस्पताल अथवा सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल तक भेजने की प्रक्रिया को डिजिटल, कंप्यूटरीकृत तथा जीआईएस आधारित प्रणाली के माध्यम से अधिक प्रभावी बनाया जाए।
