उनका दावा है कि रफत हुसैन खुद को सोशल वर्कर और RTI एक्टिविस्ट बताते हैं, लेकिन कथित तौर पर लोगों को शिकायतों और कानूनी कार्रवाई का डर दिखाकर परेशान करते हैं और उनसे पैसे मांगने की कोशिश करते हैं। प्रेस कॉन्फ्रेंस में मौजूद लोगों ने कहा कि पूरे दौलतनगर क्षेत्र के कई निवासी उनकी गतिविधियों से परेशान हैं।
सोसाइटी के प्रतिनिधियों ने यह भी दावा किया कि SRA में शिकायतों के बाद रफत हुसैन का फ्लैट सील किया गया। उनका कहना है कि उन्होंने कई बार बातचीत के जरिए विवाद सुलझाने की कोशिश की, लेकिन कोई समाधान नहीं निकला। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि रफत हुसैन प्रभावशाली नेताओं के नाम लेकर लोगों पर दबाव बनाने की कोशिश करते हैं।
**प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान सोसाइटी के पदाधिकारियों ने यह भी दावा किया कि जिस दुकान पर रफत हुसैन का कब्जा होने की बात कही जाती है, उसके स्वामित्व से जुड़े दस्तावेज उनके पास नहीं हैं। उनका कहना है कि दुकान किसी अन्य व्यक्ति की है और इस संबंध में किरायानामा सहित अन्य दस्तावेज उनके पास मौजूद हैं।**
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान सोसाइटी ने अपने ऊपर लगाए गए फंड में गड़बड़ी के आरोपों को भी खारिज किया। प्रतिनिधियों ने BMC भुगतान की रसीदें, बैंक DD और AGM के दस्तावेज मीडिया के सामने पेश करते हुए दावा किया कि सभी वित्तीय लेन-देन नियमों के अनुसार और सोसाइटी की जानकारी में किए गए थे।
अंत में स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच और उचित कार्रवाई की मांग की। हालांकि, प्रेस कॉन्फ्रेंस में लगाए गए इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और संबंधित मामले जांच के अधीन हैं।
