जितेंद्र साळुंखे
14 हजार उपयोगकर्ताओं को चरणबद्ध तरीके से किया जाएगा शामिल; प्रशासनिक कामकाज अधिक तेज, पारदर्शी और प्रभावी होगा
महानगरपालिका आयुक्त अश्विनी भिड़े
मुंबई: बृहन्मुंबई महानगरपालिका के प्रशासनिक कामकाज में आधुनिक तकनीक का प्रभावी उपयोग कर कार्यप्रणाली को अधिक तेज, पारदर्शी और सक्षम बनाने के लिए ई-ऑफिस प्रणाली लागू की जा रही है। इस प्रणाली के माध्यम से कार्यालयीन फाइलों का प्रबंधन, पत्राचार, प्रस्तावों पर कार्रवाई और विभिन्न प्रशासनिक प्रक्रियाओं को डिजिटल किया जाएगा। पूरे महानगरपालिका क्षेत्र में चरणबद्ध तरीके से लागू होने वाली इस प्रणाली में लगभग 14 हजार उपयोगकर्ताओं को शामिल किया जाएगा। इससे कागज का उपयोग कम होने के साथ ही निर्णय प्रक्रिया अधिक सरल, तेज और पारदर्शी बनाने में मदद मिलेगी। यह जानकारी महानगरपालिका आयुक्त श्रीमती अश्विनी भिड़े ने दी।
बृहन्मुंबई महानगरपालिका के विभिन्न विभागों की मासिक समीक्षा बैठक 17 अक्टूबर 2026 को वर्ली स्थित कमांड एंड कंट्रोल सेंटर में आयोजित की गई। बैठक में ई-ऑफिस प्रणाली लागू करने के लिए आवश्यक पूर्व तैयारियों, तकनीकी सुविधाओं, प्रशिक्षण और प्रशासनिक स्तर पर की जाने वाली योजना की समीक्षा की गई। इस अवसर पर श्रीमती भिड़े ने यह जानकारी दी।
बैठक में अतिरिक्त महानगरपालिका आयुक्त (पश्चिमी उपनगर) डॉ. विपिन शर्मा, अतिरिक्त महानगरपालिका आयुक्त (परियोजना) श्री अभिजीत बांगर, अतिरिक्त महानगरपालिका आयुक्त (पूर्वी उपनगर) डॉ. अविनाश ढाकणे, संयुक्त आयुक्त (सतर्कता) डॉ. एम. देवेंदर सिंह और उपायुक्त (आयुक्त कार्यालय) श्री प्रशांत गायकवाड़ उपस्थित थे। इसके अलावा सभी संयुक्त आयुक्त, उपायुक्त, सहायक आयुक्त और विभाग प्रमुख भी बैठक में शामिल हुए।
ई-ऑफिस से प्रशासनिक कामकाज का होगा डिजिटलीकरण
ई-ऑफिस प्रणाली की जानकारी देते हुए महानगरपालिका आयुक्त श्रीमती अश्विनी भिड़े ने बताया कि ई-ऑफिस राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र (National Informatics Centre – NIC) द्वारा विकसित कार्यालयीन प्रबंधन प्रणाली है। महाराष्ट्र सरकार के शासन निर्णय के अनुसार बृहन्मुंबई महानगरपालिका में इस प्रणाली को लागू करने की शुरुआत की गई है।
इस प्रणाली के माध्यम से कार्यालयीन कामकाज डिजिटल तरीके से किया जा सकेगा और कागजी फाइलों का उपयोग कम होगा। टिप्पणियों, मसौदों, प्रस्तावों और मंजूरी की प्रक्रिया निर्धारित कार्यप्रणाली के अनुसार ऑनलाइन पूरी की जा सकेगी। इससे कामकाज की गति बढ़ने के साथ प्रशासनिक प्रक्रियाओं में पारदर्शिता और जवाबदेही भी अधिक प्रभावी ढंग से सुनिश्चित की जा सकेगी।
फाइलों की आवाजाही और लंबित मामलों पर नजर रखना होगा आसान
ई-ऑफिस प्रणाली के माध्यम से इलेक्ट्रॉनिक फाइलें तैयार करना, उनका प्रबंधन करना और संबंधित अधिकारी या कार्यालय तक भेजना आसान होगा। आवक-जावक पत्राचार का रिकॉर्ड रखना, प्राप्त पत्रों को स्कैन करके प्रणाली में शामिल करना और उन पर की गई कार्रवाई का पता लगाना भी संभव होगा। टिप्पणियों, मसौदों और आदेशों को डिजिटल हस्ताक्षर के माध्यम से मंजूरी देने की सुविधा भी उपलब्ध होगी।
इसके अलावा फाइलों की आवाजाही, लंबित मामलों, लिए गए निर्णयों और पत्राचार की स्थिति पर नजर रखी जा सकेगी। इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड का पंजीकरण, संरक्षण और संग्रह करने के साथ दस्तावेजों का केंद्रीकृत भंडार उपलब्ध होने से सूचनाओं का प्रबंधन अधिक आसान और प्रभावी होगा।
14 हजार उपयोगकर्ताओं को चरणबद्ध तरीके से किया जाएगा शामिल
पूरी बृहन्मुंबई महानगरपालिका में ई-ऑफिस प्रणाली को चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा। इस प्रक्रिया में लगभग 14 हजार उपयोगकर्ताओं को शामिल किया जाएगा। प्रणाली के प्रभावी उपयोग के लिए प्रत्येक स्तर पर अधिकारियों और कर्मचारियों की भूमिकाएं तथा जिम्मेदारियां निर्धारित की जाएंगी।
श्रीमती भिड़े ने बताया कि ई-ऑफिस प्रणाली को दोबारा प्रभावी ढंग से लागू करने और प्रशासनिक कामकाज में इसे अपनाने के संबंध में एक परिपत्र भी जारी किया गया है।
प्रशिक्षण, तकनीकी सुविधाओं और डिजिटल हस्ताक्षर पर जोर
ई-ऑफिस प्रणाली को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए सूचना प्रौद्योगिकी विभाग की ओर से नोडल अधिकारियों के लिए प्रशिक्षकों का प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। प्रणाली के उपयोग के दौरान आने वाली तकनीकी समस्याओं के समाधान के लिए केंद्रीकृत हेल्पडेस्क की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। साथ ही, विभाग प्रमुखों के नेतृत्व में एक मुख्य कार्यदल गठित कर कार्यान्वयन प्रक्रिया की निगरानी की जाएगी।
प्रणाली के उपयोग के लिए आवश्यक कंप्यूटर सुविधाएं और तकनीकी बुनियादी ढांचा उपलब्ध कराने के साथ संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों को प्रशिक्षण देने पर भी जोर दिया जा रहा है। हस्ताक्षर करने वाले अधिकारियों के लिए डिजिटल हस्ताक्षर प्रमाणपत्र (Digital Signature Certificates – DSC) उपलब्ध कराए गए हैं। यह जानकारी भी महानगरपालिका आयुक्त श्रीमती अश्विनी भिड़े ने दी।
श्रीमती भिड़े ने कहा कि ई-ऑफिस प्रणाली के प्रभावी कार्यान्वयन से महानगरपालिका के प्रशासनिक कामकाज में डिजिटल कार्यप्रणाली को बढ़ावा मिलेगा। इससे कार्यालयीन प्रक्रियाओं में तेजी आएगी, कागज का उपयोग कम होगा और निर्णय प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी तथा जवाबदेह बनाना संभव होगा।
