
पणजी, गोवा (कांचन करण समर्थ): गोवा भारत के सबसे पहले एज सिटी की मेजबानी करने के लिए तैयार है, जो तीन सप्ताह का वैश्विक पॉप-अप गांव के रूप में आकार लेने जा रहा है। यह उपक्रम ११ अक्टूबर से 1 नवंबर, २०२६ तक उत्तरी गोवा के समुद्र तट गांव मांद्रे में दुनिया भर के संस्थापक, वैज्ञानिकों, इंजीनियरों, निवेशकों, शोधकर्ताओं और रचनाकारों को एक साथ लाएगा। यह पहल भारत की रचनात्मक राजधानी के रूप में उभरने, अपनी तकनीक और स्टार्टअप पारिस्थिती की तंत्र को मजबूत करने और लंबे समय तक रहने वाले, उच्च-मूल्य वाले पर्यटन के अवसर निर्माण करने के गोवा के दृष्टिकोण के अनुरूप है।
इस सहयोग की घोषणा शनिवार, १० अक्टूबर को पर्यटन भवन में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में की गई, इस वक्त डिपार्टमेंट ऑफ़ इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी, इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्युनिकेशंस मंत्री रोहन खंवटे, विभागीय निदेशक कबीर शिरगांवकर, ओएसडी नेविल नोरोन्हा, स्टार्टअप एंड आयटी प्रमोशन सेल के सीईओ डीएस प्रशांत और नोमैडगाओ के फाउंडर मयूर सोनटक्के उपस्थित थे।
इस अलग तरह की एज सिटी का गोवा एडिशन टेक्नोलॉजी, साइंस, कल्चर और एंटरप्रेन्योरशिप में सहयोग करने के लिए एक इंटरनेशनल कम्युनिटी को एक साथ लाएगा। इस प्रोग्राम में लगभग आठ सौ सहभागीयों के आने की आशा है, जिसमें भारत और ६० से ज़्यादा देशों के सदस्य शामिल होंगे। जहाँ कोलेबोरेटिव वर्कस्पेस, रिसर्च इनिशिएटिव, वर्कशॉप, हैकाथॉन, फाउंडर प्रोग्राम और डेमोंस्ट्रेशन के ज़रिए, पार्टिसिपेंट्स नए फील्ड्स में आइडियाज़ एक्सप्लोर करेंगे और सॉल्यूशन डेवलप करेंगे।
इस वक्त मंत्री रोहन खंवटे ने कहा, “हमें भारत के पहले एज सिटी को आयोजन करने पर गर्व है, जो उत्तर गोवा के मांद्रे गांव में तीन हफ़्ते के लिए इनोवेटर्स की एक ग्लोबल कम्युनिटी को एक साथ ला रहा है। यह गोवा के लिए एक महत्वपूर्ण बात है क्योंकि गोवा मे हम न केवल घूमने के लिए, बल्कि काम करने, संशोधन करने, सहकारिता करने और भविष्य बनाने के लिए भी एक डेस्टिनेशन के तौर पर अपनी स्थिति मज़बूत कर रहे हैं। हमारी इच्छा मात्र ज़्यादा विज़िटर्स को आकर्षित करना नहीं है, बल्कि टैलेंट, इन्वेस्टमेंट, आइडिया और पार्टनरशिप का सही तरीके से साथ लाना है जो गोवा की आर्थिक स्थिति को बेहतर बना सके और साथ ही स्थानीय लोग, संस्कृति, परंपरा और पर्यावरण का सम्मान भी कर सके।”
इस मौके पर रोहन खंवटे ने गोवा के स्टूडेंट्स, स्टार्टअप्स, नवउद्यमी और लोकल उद्योग इकाईंयों के लिए ग्लोबल प्रैक्टिशनर्स के साथ सीधे जुड़ने और कोलेबोरेशन के नए रास्ते तलाशने के मौके पर ज़ोर दिया। उन्होंने कहा कि यह इनिशिएटिव राज्य की वर्क फ्रॉम गोवा पोज़िशनिंग और लंबे समय तक रहने वाले टूरिज़्म की ओर बढ़ने के उसके मकसद को पूरा करता है, जिससे अकोमोडेशन, हॉस्पिटैलिटी, रेस्टोरेंट, लोकल ट्रांसपोर्ट, वेलनेस और दूसरी सर्विसेज़ में इकॉनमिक संभावनाएं निर्माण होती है।
उन्होंने आगे कहा, “गोवा का इंडिया की क्रिएटिव कैपिटल होना सिर्फ़ एक पोज़िशनिंग स्टेटमेंट नहीं है। यह एक ऐसा इकोसिस्टम बनाने का हमारा कमिटमेंट है जहाँ क्रिएटिविटी इनोवेशन बने, इनोवेशन से एंटरप्राइज़ बने और एंटरप्राइज़ से हमारे लोगों के लिए ज़्यादा मौके मिलें।”
एज सिटी के पार्टनरशिप और स्काउटिंग के हेड, मिस्टर टेलामोन अर्दवानिस ने कहा, “हम इंडिया में अपने पहले प्रोग्राम के लिए गोवा में आकर बहुत एक्साइटेड हैं। एज सिटी टेक्नोलॉजी, साइंस और कल्चर के फ्रंटियर्स पर काम करने वाले लोगों को एक घने, कोलेबोरेटिव माहौल में एक साथ लाता है जहाँ वे लंबे समय तक एक साथ काम कर सकते हैं। रिसर्चर्स, फाउंडर्स, इन्वेस्टर्स, आर्टिस्ट्स और बिल्डर्स को एक ही कम्युनिटी में लाकर, हम नए आइडियाज़, एक्सपेरिमेंट्स और पार्टनरशिप्स के लिए मौके बनाते हैं। गोवा इसके लिए एकदम सही जगह थी, और हम यहाँ लोकल कम्युनिटी और अपने पार्टनर्स के साथ काम करने के लिए एक्साइटेड हैं।”
यह प्रोग्राम एक मल्टी डिसिप्लिनरी अप्रोच के साथ ऑर्गनाइज़ किया गया है, जो अलग-अलग फील्ड्स और जेनरेशन्स के लोगों को कोलेबोरेट करने के लिए एनकरेज करता है। शेयर्ड वर्कस्पेस और कम्युनिटी एक्टिविटीज़ के साथ, तीन हफ़्ते की इस गैदरिंग में रीजेनरेटिव एनवायरनमेंट, होलिस्टिक लॉन्गेविटी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, फ्रंटियर टेक्नोलॉजी और डीसेंट्रलाइज़्ड सिस्टम पर स्पेशल प्रोग्राम होंगे।
गोवा से सीधे तौर पर जुड़ा एक खास हिस्सा ग्राउंड फ्लोर है, जो एक सिविक एआई रिसर्च और डेवलपमेंट इनिशिएटिव है जो इंटरनेशनल एआअई प्रैक्टिशनर्स को गोवा के बिज़नेस ओनर्स, सिविक लीडर्स, सरकारी रिप्रेजेंटेटिव्स और रिसर्चर्स के साथ एक साथ लाएगा। इस इनिशिएटिव का मकसद लोकल इकॉनमी और पब्लिक लाइफ में एआई के प्रैक्टिकल एप्लीकेशन्स को एक्सप्लोर करना है, जिससे लोकल स्टेकहोल्डर्स को नई टेक्नोलॉजीज़ से जुड़ने और पोटेंशियल यूज़ केसेज़ की पहचान करने के मौके मिलेंगे।
इस प्रोग्राम में २८ से ३१ अक्टूबर तक होने वाले हैकर हाउस गोवा और हैकाथॉन भी शामिल होंगे, जिसमें चुने हुए बिल्डर्स को एक इंटेंसिव एआई और क्रिप्टो डेवलपमेंट स्प्रिंट के लिए एक साथ लाया जाएगा। दूसरे इनिशिएटिव्स में फाउंडर रेज़िडेंसी, एक इम्पैक्ट एक्सेलेरेटर और स्टार्टअप्स के लिए अपना काम दिखाने और पोटेंशियल कोलेबोरेटर्स के साथ जुड़ने के मौके शामिल हैं।
यह सहयोग गोवा की व्यापक प्रौद्योगिकी और नवाचार प्राथमिकताओं का भी पूरक है, जिसमें गोवा एआई मिशन २०२७ और गोवा एआई नीति २०२६ शामिल है। राज्य एआई क्षमताओं का निर्माण, उद्यमशीलता का समर्थन और विकास को प्रोत्साहित करने की दिशा में काम कर रहा है।
