
भारत के कुछ सबसे प्रतिष्ठित ब्रांडों को लगभग दो दशकों तक नई दिशा देने के बाद, सोनी आढव अब उस बदलाव का नेतृत्व कर रही हैं जिसकी आज सबसे अधिक आवश्यकता है—भारत की कृषि और स्वच्छ ऊर्जा के भविष्य की।
एड्ह फार्म्स इंडिया प्राइवेट लिमिटेड की संस्थापक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) के रूप में, आढव कृषि अवशेषों (एग्री-वेस्ट) को नवीकरणीय बायोमास ईंधन में परिवर्तित कर रही हैं। महाराष्ट्र के नासिक स्थित उनकी कंपनी अब तक 800 टन से अधिक बायोमास ईंधन की आपूर्ति कर चुकी है, 500 से अधिक किसानों के साथ साझेदारी स्थापित कर चुकी है, 250 से अधिक ग्रामीण महिलाओं को प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से सशक्त बना चुकी है तथा उद्योगों में जीवाश्म ईंधन के स्थान पर बायोमास के उपयोग से 1,300 टन से अधिक कार्बन डाइऑक्साइड (CO₂) उत्सर्जन को रोकने में योगदान दिया है।
जलवायु संरक्षण की दिशा में उनका यह कदम 18 वर्षों के सफल कॉर्पोरेट अनुभव के बाद आया है। इस दौरान उन्होंने मीडिया, दूरसंचार और डिजिटल वित्त जैसे क्षेत्रों में महत्वपूर्ण नेतृत्वकारी भूमिकाएँ निभाईं। सोनी पिक्चर्स नेटवर्क्स इंडिया में मुख्य विपणन अधिकारी (Chief Marketing Officer) के रूप में उन्होंने सोनी मराठी चैनल की शुरुआत में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इसके अलावा, वे एयरटेल पेमेंट्स बैंक की संस्थापक नेतृत्व टीम का भी हिस्सा रहीं, जहाँ उन्होंने भारत के शुरुआती डिजिटल बैंकिंग प्लेटफॉर्म में से एक को आकार देने में अहम योगदान दिया। उनके करियर में भारती एयरटेल में वरिष्ठ पदों के साथ-साथ भारत, मध्य पूर्व और अमेरिका में विभिन्न परामर्श परियोजनाओं का भी समृद्ध अनुभव शामिल है।
एड्ह फार्म्स में वे सर्कुलर इकोनॉमी (परिपत्र अर्थव्यवस्था) के मॉडल को बढ़ावा दे रही हैं, जिसके तहत कृषि अवशेषों को आर्थिक मूल्य में बदला जाता है। इससे किसानों की आय बढ़ती है, ग्रामीण महिलाओं को रोजगार और आत्मनिर्भरता के अवसर मिलते हैं तथा भारत की स्वच्छ ऊर्जा की ओर बढ़ने की प्रक्रिया को गति मिलती है। उनका यह कार्य संयुक्त राष्ट्र के सतत विकास लक्ष्यों (SDGs) जैसे स्वच्छ ऊर्जा, जलवायु कार्रवाई और समावेशी आर्थिक विकास को भी मजबूत करता है।
पुणे विश्वविद्यालय से एमबीए करने वाली सोनी आढव का मानना है कि सतत उद्यमिता (Sustainable Entrepreneurship) पर्यावरण संरक्षण और ग्रामीण समृद्धि दोनों की मजबूत आधारशिला बन सकती है। उनका जीवन-सफर इस बात का उदाहरण है कि आज के दौर में नेतृत्व केवल मुनाफे तक सीमित नहीं, बल्कि समाज और पर्यावरण पर सकारात्मक प्रभाव डालने की जिम्मेदारी भी निभा सकता है।
बोर्डरूम की रणनीति को ज़मीनी स्तर पर प्रभावी क्रियान्वयन से जोड़ते हुए सोनी आढव यह साबित करती हैं कि नवाचार के माध्यम से जलवायु संरक्षण और सामुदायिक विकास दोनों को साथ लेकर चला जा सकता है। टीवी चैनलों की शुरुआत से लेकर ग्रामीण भारत में स्वच्छ ऊर्जा आधारित अर्थव्यवस्था को आगे बढ़ाने तक की उनकी यात्रा यह संदेश देती है कि सबसे महत्वपूर्ण बदलाव वही होते हैं जो व्यवसाय को केवल व्यवसाय से आगे बढ़ाकर समाज और पर्यावरण की सेवा का माध्यम बना दें।
यदि चाहें, मैं इसे �समाचार शैली (News Copy) या �प्रेस विज्ञप्ति (Press Release) के रूप में भी तैयार कर सकता हूँ।
